Sunday, September 19, 2021
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जामुन का पेड़ | प्रशासनिक कार्यशैली और आम आदमी

'जामुन का पेड़' ये कहानी व्यंग्यात्मक रूप से आम आदमी के प्रति प्रशानिक अधिकारियों की अकर्णमन्यता को सही अर्थों में दर्शाती है। ये दिखाती है कि किस प्रकार प्रशानिक अधिकारी कुछ मिनट में होने वाले कार्य को दिनों/महीनों तक...

हाँ, अब मैं अकेला हूँ !! | Yes I am lonely

"काँधा नही लगाओगे बे... पहले भी चेतावनी दी थी..." सज्जाद ने सिगरेट जमीन पर फेंकी और सीना आगे करके बोला... "पीढ़ियों से लगा रहें हैं बे... बाप-दादा और उनके भी बाप-दादा.. तब काहे नही बोले.. अब क्यों... काँधा भी लगायेंगे और...

स्नेह के आँसू | Tears of Affection

"स्नेह के आँसू"  इस कोरोना महामारी में अपनेपन की पहचान गली से गुजरते हुए सब्जी वाले ने तीसरी मंजिल की घंटी का बटन दबाया। ऊपर से बालकनी का दरवाजा खोलकर बाहर आई महिला ने नीचे देखा। "बीबी जी ! सब्जी ले लो,...

महान सेनानायक हरिसिंह “नलवा”

महान सेनानायक हरिसिंह "नलवा", महाराजा रणजीत सिंह के सेनापति थे। उनका जन्म 28 अप्रेल1791 को गूजरावाला (पंजाब) के, एक क्षत्रिय सिख परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम गुरदयाल उप्पल एवं माँ का नाम धर्मा कौर था। बचपन में...

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तैमूर और जहाँगीर | गाज़ी का अधूरा ख्याब और लौंडी का अफसाना

लेख का शीर्षक पढ़कर मन में सवाल पैदा हुआ होगा कि 'तैमूर और जहाँगीर (Timur and Jahangir)' का नाम...